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स्वागत

अक्सर लोग पूछते हैं कि होमियोपैथी में फलाना रोग की कौन सी दवा है?

यह समझ लेना चाहिए कि अक्सर जिसे रोग कहा जाता है, वह केवल एक लक्षण या किसी एक अंग से संबंधित लक्षण होते हैं, जबकि रोग का कारण रोगी की जीवनी शक्ति में अव्यवस्था होती है।

इसीलिए एक ही रोग से ग्रसित अलग अलग रोगियों की दवा अलग अलग हो सकती है तथा एक ही दवा अलग अलग रोगों में दी जा सकती है।

यह निर्भर करता है रोगी के सम्पूर्ण लक्षणों, इतिहास, शारीरिक एवं मानसिक संरचना, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति, घरेलू वातावरण, इत्यादि के गहन अध्ययन एवं विश्लेषण पर।

होमियोपैथी में किसी एक रोग की चिकित्सा नहीं की जाती, बल्कि रोगी की सम्पूर्ण चिकित्सा की जाती है।

यह चिकित्सा रोगी के सारे दबे हुए रोगों को बाहर निकालती है, बारी बारी से…

अतः होमियोपैथी से स्थायी समाधान की जगह अस्थायी रोकथाम की अपेक्षा अनुचित है, जो निराशा का कारण ही बनेगी।

इसीलिए होमियोपैथी चिकित्सा प्रारंभ करने के बाद कोई भी अन्य दवा न खानी चाहिए न लगानी चाहिए।

चाहे वो कोई भी अन्य समस्या क्यों न हो।

अन्यथा रोग जटिल हो जाता है।

कोई भी रोग जैसे कि बुखार, सर्दी, चर्मरोग इत्यादि अंदर से बाहर निकलने पर खुश होना चाहिए और उसे वापस दबाने वाली चिकित्सा नहीं लेनी चाहिए।

Dr. Gyanendra Kumar Gyan

(Ex. Medical Officer)

B.H.M.S., B.R.A.B.U.

सोमवार से गुरुवार: रेणु उद्यान के पास, पूर्णिया।

शुक्रवार से शनिवार: गोढ़ीहारे रोड, फॉर्बेसगंज।

समय: 10 AM से 4 PM

पसंद है जो लोगों की, वो करना व्यापार है।
जरूरत है जो लोगों की, वो करना उपचार है।

Hello! My name is Dr. Gyanendra Kumar Gyan and I am a Classical Homoeopathy Physician, belonging from Bihar of India, formerly posted in Sahibganj district of Jharkhand, as a Government Medical Officer in “Rashriya Bal Swasthya Karykram” conducted by central and state governments.

Patients are treated as a whole, according to 7 cardinal principles of Homeopathy. We believe that “Hahnemannian Homoeopathy” has no substitute.

Visit us for both curative and preventive treatments. Hope you will get rid of medicines for lifetime after a shorter duration of care by us.

https://maps.app.goo.gl/wskxCWQY6nMqN1Tc7

Thank you…